सीबीएसई पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार चारों तरफ से घिरती नजर आ रही है, 20 लाख स्टूडेंट्स देंगे दोबारा परीक्षा

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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं इकोनॉमिक्स और 10वीं मैथ्स का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द होने के बाद पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. सीबीएसई पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार चारों तरफ से घिरती नजर आ रही है. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर पांच सवाल दागे. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले को दबाने के लिए ‘ऑपरेशन कवरअप’ चला रही है. सीबीएसई ने 12वीं क्लास के इकोनॉमिक्स और 10वीं क्लास के मैथ्स का पेपर दोबारा कराने का फैसला किया है. 12वीं क्लास का इकोनॉमिक्स का पेपर मंगलवार को हुआ था जबकि बुधवार को 10वीं का मैथ्स का पेपर हुआ था.

इस बीच पेपर लीक की वजहों को लेकर नई कहानी सामने आई है। बताया जा रहा है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर 3 वर्जन्स में नहीं बल्कि केवल एक प्रश्नपत्र ही भेजे गए थे, जिससे लीक करना आसान हो गया। अब तक जिसे ‘फुलप्रूफ’ सिस्टम समझा जा रहा था, उस पर दोबारा विचार करने का दबाव है।

सीबीएसई ने इन दोनों पेपर्स की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। इससे छात्रों के साथ ही अभिभावकों की भी परेशानी बढ़ गई है। छात्र सीबीएसई के खिलाफ वि रोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आज तिथियों का ऐलान हो सकता है। इस बीच, CBSE के पूर्व अधिकारियों और सूत्रों ने कहा है कि मौजूदा प्रणाली के तहत प्रोटोकॉल्स का पालन न किए जाने के कारण पेपर लीक हुए होंगे।

20 लाख स्टूडेंट्स देंगे दोबारा परीक्षा
बोर्ड के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 20 लाख स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए दोबारा बैठना होगा क्योंकि वे इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि लीक हुआ पेपर कितने लोगों तक पहुंचा, खासतौर से जब यह वॉट्सऐप पर खूब शेयर किया गया। बोर्ड के एक पूर्व अधिकारी ने जोर देकर कहा, ‘वैसे तो CBSE के पास काफी मजबूत सिस्टम है, ऐसे में लगता है कि कुछ उल्लंघन जरूर हुआ है।’

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