अगर आप पीने के लिए बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करते हैं तो हो जाएं सावधान

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अगर आप पीने के लिए बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाएं। आप जिस पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसमें प्लास्टिक के कण हो सकते हैं। दुनिया भर से लिए गए बोतलबंद पानी के 90 प्रतिशत नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक के अवशेष पाए गए। न्यू यॉर्क की स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 9 देशों में बेची जा रही 11 ब्रैंड्स की 259 बोतलों को टेस्ट किया। भारत के अलावा चीन, अमेरिका, ब्राजील, इंडोनेशिया, केन्या, लेबनान, मेक्सिको और थाइलैंड के बोतलबंद पानी के नमूनों की जांच की गई। अब आपको बताते हैं कि किस ब्रैंड के बोतलबंद पानी में कितना माइक्रोप्लास्टिक पाया गया…

(1 लीटर पानी में माइक्रोप्लास्टिक के कितने कण पाए)
ब्रैंड- देश- माइक्रोप्लास्टिक के कण
ऐक्वा- (इंडोनेशिया)- 4713
ऐक्वाफिना- (अमेरिका, भारत)- 1295
बिस्लेरी- (भारत)- 5230
डासानी- (अमेरिका, केन्या)- 335
इप्यूरा- (मेक्सिको)- 2267
इव्लैन- (फ्रांस)- 256
गीऑसटाइना- (जर्मनी)- 5160
मिनाल्बा- (ब्राजील)- 863
नेस्ले प्योर लाइफ- (अमेरिका, थाईलैंड)- 10,390
सन पेलेग्रीनो- (इटली)- 74
वाहाहा- (चीन)- 731

इन आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि अमेरिका और थाईलैंड में बिकने वाले बोतलबंद पानी नेस्ले प्योर लाइफ में सबसे ज्यादा प्लास्टिक पाया जाता है। इसमें 1 लीटर पानी में 10,390 प्लास्टिक के कण पाए गए। इसके बाद नंबर आता है भारत में बोतलबंद पानी बेचने वाले ब्रैंड बिस्लेरी का जिसके 1 लीटर पानी में 5,230 प्लास्टिक के कण पाए गए।

ढक्कन बनाने में इस्तेमाल हो रहा प्लास्टिक
शोधकर्ताओं का मानना है कि बोतलबंद पानी में यह प्रदूषण पैकेजिंग के दौरान पनपता है। प्लास्टिक के जो अवशेष पाए गए हैं, उनमें पॉलीप्रोपाइलीन, नायलॉन और पॉलीइथाईलीन टेरेपथालेट शामिल हैं। इन सभी का इस्तेमाल बोतल का ढक्कन बनाने में होता है।

नल का पानी ज्यादा सुरक्षित
एक पूर्व स्टडी में बताया गया था कि नल का पानी बोतलबंद पानी से ज्यादा सुरक्षित है। 1 लीटर की पानी की बोतल में औसत रूप से 10.4 माइक्रोप्लास्टिक के कण होते हैं। यह नल के पानी में पाए जाने वाले माइक्रोप्लास्टिक के कण से दोगुना होता है।

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